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*तारीफ़ करने वाले बेशक आपको*
*पहचानते होंगे,*
*मगर फ़िक्र करने वालो को आपको*
*ही पहचानना होगा ।*✍
*जिस तरह सिलाई मशीन*
*में धागा नहीं डालने पर*
*वो चलती तो है*
*पर कुछ सिलती नहीं..*
*इसी तरह....*
*रिश्तों में अपनापन नहीं डालोगे*
*तो ज़िन्दगी चलेगी ज़रूर*
*पर रिश्तों को जोड़ नहीं पायेगी !!*
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