Swami Vivekananda says : "This, I have seen in life - those who are overcautious about themselves fall into dangers at every step. Those who are afraid of losing honor and respect, get only disgrace; and those who are always afraid of loss, always lose."
Thatswhy."NIYAT SAAF MANZIL AASAN"
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*उँगलियाँ ही निभा रही हैं रिश्ते आजकल..*
*ज़ुबाँ से निभाने का वक्त कहॉ है ...*
*सब टच में बिजी है..*
*पर टच में कोई नही हे !!*
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दूसरों को इज़्ज़त देता है*
असल में वो खुद इज़्ज़तदार होता है*क्योकि*इंसान दूसरो को वही दे पाता है*जो उसके पास होता है।*
जीवन में खुशी का अर्थ लड़ाइयाँ लड़ना नहीं,बल्कि उन से बचना है।*कुशलतापूर्वक पीछे हटना भी अपने आप में एक जीत है।”*
अच्छा वक़्त उसी का होता हैं...*जो किसी का बुरा नहीं सोचते हैं...*
ये स्रृष्टि कहती है* …मत सोच की तेरा*सपना क्यों पूरा नहीं होता*हिम्मत वालो का इरादा*कभी अधुरा नहीं होता*
जिस इंसान के कर्म*अच्छे होते है*उस के जीवन में कभी*
अँधेरा नहीं होता* कुछ बोलने और तोड़ने में*केवल एक पल लगता है* जबकि बनाने और मनाने में*
पूरा जीवन लग जाता है। प्रेम सदा*माफ़ी माँगना पसंद करता है,*और अहंकार सदा*माफ़ी सुनना पसंद करता है..
किसी की "टाँग खींचने*
की बजाय किसी का "हाथ* खींचकर" उपर लेना बेहतर* होता है......!*
इंसान"से प्रेम करो वस्तु* *से नही और वस्तु का* *उपयोग" करो "इंसान" का* *नही.....!!*
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*नेक लोगों की संगत से*
*हमेशा भलाई ही मिलती हे,*
*क्योंकि....*
*हवा जब फूलो से गुज़रती हे,*
*तो वो भी खुश्बुदार हो जाती हे.*
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सारा *जहाँ* उसीका है
जो *मुस्कुराना* जानता है
*रोशनी* भी उसीकी है जो *शमा*
जलाना जानता है
हर जगह *मंदिर* *मस्जिद* *गुरूद्वारे* है।
लेकिन *ईश्वर* तो उसीका है जो
*"सर"* झुकाना जानता है
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""..एक व्यक्ति ने भगवन से पुछा,,
"""...तुझे कैसे रिझाऊं मैं,,
""...कोई वस्तु नहीं ऐसी जिसे तुझ पर चढाऊं मैं...!!
""भगवान ने उत्तर दिया""
""...संसार की हर वस्तु तुझे मैनें दी है।।
""...तेरे पास अपनी चीज सिर्फ तेरा "अहंकार" है,,
"""...जो मैनें नहीं दिया..""
""..उसी को तूं मेरे "अर्पण" कर दे,,,
""तेरा जीवन सफल हो जाएगा""
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Let's Build A Society, Where We Will Not Be Judged By The Colour Of The Skin, But By The Content Of 'Character'..
Let 'Humanity' Wins
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तहजीब सिखा दी मुझे एक छोटे से मकान ने,
दरवाजे पर लिखा था थोडा झुक कर चलिये...
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