ऐ सूर्य देव मेरे अपनो को
यह पैगाम देना;
खुशियों का दिन
हँसी की शाम देना;i
जब कोई पढे प्यार से
मेरे इस पैगाम को;
तो उन को चेहरे पर
प्यारी सी मुस्कान देना।
।���
..............................................
♡ ♡
मंजिल मिले ना मिले
ये तो मुकदर की बात है!
हम कोशिश भी ना करे
ये तो गलत बात है...
जिन्दगी जख्मो से भरी है,
वक्त को मरहम बनाना सीख लो,
हारना तो है एक दिन मौत से,
फिलहाल जिन्दगी जीना सीख लो..
No comments:
Post a Comment