*सम्बन्ध को जोड़ना*
*एक कला है,*
*लेकिन*
*"सम्बन्ध को निभाना"*
*एक साधना है*
*जिंदगी मे हम कितने सही और कितने गलत है, ये सिर्फ दो ही शक्स जानते है..*
*"ईश्वर "और अपनी "अंतरआत्मा"*
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*तकदीर के खेल से*
*नाराज नहीं होते*
*जिंदगी में कभी*
*उदास नहीं होते*
*हाथों किं लक़ीरों पे*
*यक़ीन मत करना*
*तकदीर तो उनकी भी होती हैं ,*
*जिन के हाथ ही नहीं होतi
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*मँज़िले बड़ी ज़िद्दी होती हैँ , हासिल कहाँ नसीब से होती हैं !*
*मगर वहाँ तूफान भी हार जाते हैं , जहाँ कश्तियाँ ज़िद पर होती हैँ !*
*भरोसा ” ईश्वर ” पर है, तो जो लिखा है तकदीर में, वो ही पाओगे !*
*मगर , भरोसा अगर ” खुद ” पर है ,तो ईश्वर वही लिखेगा , जो आप चाहोगे !!!*
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