ऐक खुबसुरत दिल बेहतर होता है,
हजारों खुबसुरत चहेरों से,
इस लिये है मैंने चूना है तूम्हें,
कुदरत के इस खुबसूरत गुलशन से.
हमारी मंजिल बहोत करीब से गुजर गइ,
हम मशरुफ थे औरों को राह दिखाने में.
अगर मैं सरे बाजार निकलूं तो
आवारगी की तोहमत का खौफ,
और तन्हाइ में अगर बैठा रहूं तो
मुहब्बत की दिवानगी के इल्जाम का खौफ.
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